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Wednesday, February 24, 2010

Dream's Mean

Some Thing Says our Dream What Says Telling You !हर सपना कुछ-न कुछ कहता है। कुछ सपने निराशा देते हैं, तो कुछ जीवन में खुशियों की लहरभर देते हैं। सपनों का संबंध आत्मा से होता है। जब व्यक्ति नींद में होता है, तब उसका शरीर आत्मा से अलग होता है, क्योंकि आत्मा कभी सोती नहीं। जब मानव निद्रावस्था में होता है तो उसकी पाँचों ज्ञानेंद्रियाँ उसका मन और उसकी पाँचों कर्मेंद्रियाँ अपनी-अपनी क्रियाएँ करनी बंद कर देती हैं और व्यक्ति का मस्तिष्क पूरी तरह शांत रहता है। उस अवस्था में व्यक्ति को एक अनुभव होता है, जो उसके जीवन से संबंधित होता है। उसी अनुभव को स्वप्न कहा जाता है। सपने में चौंकाने वाली खोजें और आविष्कार हुए हैं। यहां तक कि लोगों के भाग्य बदल गए हैं। हमें भी कई बार सपने में कोई संकेत मिलता है, लेकिन हम उसे समझ नहीं पाते। सपने हमारी भाषा नहीं बोलते। वह संकेतों में बात करते हैं।
इन्हीं स्वप्नों के माध्यम से भूत, भविष्‍य और वर्तमान की जानकारी हासिल की जा सकती है। आइए देखते हैं क्या


कहते हैं आपके सपने
  • रात में सोते हुए हम जो स्वप्न देखते हैं, उसका संबंध कहीं-न-कहीं हमारे व्यक्तित्व, सोचने के ढंग और विचारों से होता है। सपने में आने वाली बहुत सी बातें प्राय: हमारे अवचेतन में छिपी होती हैं, जो स्वप्न में विभिन्न रूपों में दिखाई देती हैं। लेकिन चूंकि हम सपनों को लेकर बहुत सचेत नहीं होते, इसलिए उनके अर्थ को नहीं समझ पाते। लेकिन अगर कोई सपनों की व्याख्या कर सके तो यह जानना बड़ा रोचक होगा कि रात में हम जो देख रहे होते हैं, वह खुद हमारे बारे में कितनी ऐसी अनकही बातें कहता है, जिससे हम खुद भी अब तक अंजान हैं।
  • होमियोपैथी में तो रोगों और उनके इलाज तक में सपनों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। होमियोपैथी का मानना है कि अगर किसी को एक ही तरह का स्वप्न बार-बार आता है तो उसका संबंध किसी रोग से भी हो सकता है। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ज्योति प्रकाश कहते हैं कि होमियोपैथी में रोगी से यह भी पूछा जाता है कि उसे किस तरह के स्वप्न आते हैं। यदि कोई ठीक-ठीक बताए तो उससे हमें दवा का चयन करने में भी मदद मिलती है। जैसे यदि किसी को सपने में सांप दिखाई देते हैं या किसी को सपने में सांप काटते हैं तो इतने भर से उन्हें देने वाली दवा परिवर्तित हो जाती है। वास्तव में स्वप्नों की बीमारी और उसके इलाज, दोनों में ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
  • अल्बर्ट आंइस्टीन जब किशोर थे तो उन्हें अकसर ऐसे सपने आते थे कि वे किसी ऊंची पहाड़ी से बहुत तेजी से उतर रहे हैं। वह गति बिल्कुल चौंकाने वाली होती थी। यह सपना क्या था? तेज गति की यह कल्पना दरअसल प्रकाश की गति से जुड़ी थी, जो अंतत: उन्हें सापेक्षता के सिद्धांत की खोज की ओर लेकर गई। इसी प्रकार नील बोर, जिन्होंने क्वांटम थ्योरी की खोज की थी, उन्होंने भी सपने में एक रेस ट्रैक देखा, जो उन्हें इस सिद्धांत तक लेकर गया। दार्शनिक रेने देकार्त को हमेशा ऐसे सपने आते थे कि वह सत्य की खोज में भटक रहे हैं। सपने की वह खोज ही उन्हें दर्शन के क्षेत्र में लेकर आई।यह तमाम स्वप्न जीवन से कटी हुई कोई दैवी अनुभूति नहीं हैं, बल्कि हमारे ही अवचेतन की अभिव्यक्ति हैं। हम सभी जब कुछ ऐसी विचित्र चीजें सपने में देखते हैं या बार-बार कोई एक ही सपना देखते हैं तो उसका संबंध अवचेतन में दबी हुई किसी इच्छा, खोज या जिज्ञासा से हो सकता है। बहुत बार जागृत अवस्था में जो सवाल और बेचैनियां हमें परेशान करती हैं, उनका जवाब भी स्वप्न में मिल जाता है
  • जानी-मानी मनोवैज्ञानिक निशा द्विवेदी बताती हैं कि उनकी एक पेशेंट को रात में ऐसे डरावने सपने आते थे कि वह बहुत ऊंचाई पर खड़ी है और वहां से कहीं जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। वह लड़की परिवार और करियर दोनों के लिहाज से काफी असुरक्षित थी। इसलिए उसे ऐसे सपने आते थे। ऐसे ही एक केस में सपने में हमेशा ढेर सारे सांप नजर आते थे। इसका कारण यह था कि वह व्यक्ति पेट का मरीज था और उसकी आंतों में कीड़े थे। इसी तरह एक और व्यक्ति, जिसे वात रोग की शिकायत थी, वह हमेशा ऐसे सपने देखता था कि वह पतंग की तरह हवा में उड़ रहा है।
  • सपने बहुत कुछ कहते हैं, बशर्ते हम उन सपनों की भाषा को समझ पाएं। कई बार अगर बहुत डरावने या सुंदर सपने न हों तो वे हमें याद भी नहीं रहते। अपने सपनों को जानना और पढ़ना खुद को समझने की तरह है। इसलिए सपनों के प्रति सचेत हों और जानने की कोशिश करें कि आपका अवचेतन क्या कह रहा है।इस कोशिश को करने और अपने सपनों को व्यवस्थित रूप से लिखने के बाद हो सकता है शुरू में आपको सपनों में कोई खास अर्थ या तारतम्य न नजर आए। लेकिन लिखना न छोड़ें। बहुत दिनों तक लिखने के बाद जब आप उसे एक साथ पढ़ेंगे तो उसमें अर्थ और जुड़ाव अपने आप खुलता जाएगा। संभव है कि उसमें से कुछ ऐसी बातें निकलकर आएं या अपने बारे में कुछ ऐसा पता चले, जो खुद आपको रोमांच से भर दे।


  • यूं जानें अपने सपनों को
  • * सोने से पहले दो मिनट तक ध्यान करें और सोचें कि आज रात में आप जो भी सपना देखेंगे, उसे याद रखेंगे। ऐसा करने से आप उसके प्रति ज्यादा सचेत होंगे।



    * अपने सिरहाने एक कलम व नोटबुक रखें। यदि आपने कोई विशेष स्वप्न देखा है तो सुबह उठते ही उसे लिख लें और बाद में उस पर सोचें।



    * यदि किसी सपने के बीच में आपकी नींद टूट जाती है तो मन को शांत करके सीधे लेट जाएं और सोने की कोशिश करें। उस स्वप्न के बारे में न सोचें।



    * सपने में देखी हर बात, व्यक्ति, स्थिति और घटना के बारे में विस्तार से लिखें। यदि आपकी भाषा बहुत अच्छी नहीं है और आपको लिखना नहीं आता तो भी कोई बात नहीं। Conti....